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कच्चे तेल के भाव में मांग घटने के डर से दबाव।

कच्चे तेल की कीमतों में ओपेक देशो द्वारा अगस्त से उतपादन बढ़ाए जाने की सहमती और वैश्विक स्तर पर कोवीड डेल्टा संस्करण के मामले बढ़ने के कारण बिकवाली का दबाव देखा गया है। कच्चा तेल मार्च के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के लिए ट्रैक पर है क्योंकि   कोवीड डेल्टा संस्करण के प्रसार को रोकने के लिए यात्रा प्रतिबंध, ईंधन की मांग को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं।

अमेरिकी कच्चा तेल वायदा सप्ताह में 4 डॉलर घट कर 69.4 डॉलर प्रति बैरल पर है। जबकि ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स सप्ताह में 3 डॉलर से ज्यादा फिसल कर 72 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।

पिछले सप्ताह ब्रेंट और अमेरिकी कच्चे तेल में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखि गई है, जो मार्च 2021 के बाद से सबसे अधिक है। जापान में आपातकालीन प्रतिबंधों को अधिकतर प्रान्तों में विस्तारित करने के लिए तैयार है, जबकि दुनिया के दूसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता चीन ने कुछ शहरों में प्रतिबंध लगा दिए हैं और उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे ईंधन की मांग को खतरा बढ़ने लगा है। संयुक्त राज्य अमेरिका में दैनिक नए कोवीड मामले छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं।

हालांकि, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता ने कीमतों में गिरावट को सीमित कर दिया और सप्ताह के अंत तक कीमतों में कुछ सुधार रहा।संयुक्त राज्य अमेरिका में कच्चे तेल की आपूर्ति में सुधार करके, तेल की तेजी को भी सीमित कर दिया है।

घरेलु वायदा कच्चे तेल पिछले सप्ताह 5500 रूपए के उच्च स्तरों से फिसल कर 5044 रुपये के निचले स्तरों को छू गया और कीमते 5200 रुपये प्रति बैरल के करीब रही।

तकनीकी विश्लेषण : घरेलु वायदा कच्चे तेल की कीमतों में इस सप्ताह बिकवाली का दबाव रह सकता है। इसमें 5350 रुपये पर प्रतिरोध और 5000 रुपये पर सपोर्ट है।

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